Votechori या fake allegations? राहुल गांधी vs election commission पर मचा बवाल!

राहुल गांधी

Votechori का धमाका लोकतंत्र पर “Atom Bomb” या Political Stunt?

7 अगस्त 2025 को राहुल गांधी ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में बड़ा धमाका कर दिया। हाथ में “FAKE & INVALID ADDRESSES – 40,009” की रिपोर्ट लहराते हुए उन्होंने कहा है|

Votechori हमारे लोकतंत्र पर Atom Bomb है|

उन्होंने सीधे तौर पर चुनाव आयोग, PM मोदी, और गृहमंत्री अमित शाह को घेरते हुए कहा कि देश में लाखों Duplicate Voters हैं और वोटर लिस्ट से छेड़छाड़ हो रही है|

क्या है राहुल गांधी का दावा?

Rahul Gandhi ने प्रेस मीटिंग में दावा किया है| कि एक व्यक्ति Aditya Shrivastava का नाम कर्नाटका, लखनऊ और महाराष्ट्र – तीनों राज्यों की वोटर लिस्ट में दर्ज था|

उन्होंने EPIC नंबर (वोटर आईडी) पेश करते हुए दावा किया है कि ये वोटर 2024 के लोकसभा चुनाव में तीन जगहों से वोट देने की योग्यता रखता था|

EC का जवाब: भ्रम फैलाने वाला आरोप!

Election Commission (EC) ने तुरंत एक विस्तृत जवाब जारी किया

  • दोनों मतदाता केवल बेंगलुरु अर्बन जिले की महादेवपुरा विधानसभा सीट की वोटर लिस्ट में ही दर्ज हैं।
  • इनके नाम लखनऊ या वाराणसी या महाराष्ट्र की किसी भी सूची में नहीं मिले।
  • EC ने साफ किया कि जिन तथ्यों का हवाला राहुल गांधी ने दिया, वो ग़लत, भ्रामक और तथ्यात्मक रूप से कमजोर हैं|

Voter Search Portal से सामने आई सच्चाई

जब मीडिया ने भी Rahul Gandhi के बताए गए EPIC नंबर और नाम को https://voters.eci.gov.in/ पर सर्च किया, तो लखनऊ और महाराष्ट्र – दोनों जगह “No Result Found” दिखा।

🔍 यानि, Aditya Shrivastava का नाम लखनऊ या महाराष्ट्र की वोटर लिस्ट में नहीं है|

Evidence: Duplicate Voters की रिपोर्ट

Rahul Gandhi द्वारा पेश की गई रिपोर्ट में दावा किया गया कि:

11,965 Duplicate Voters हैं जो एक से ज्यादा बार वोटर लिस्ट में दर्ज हैं।

एक ही व्यक्ति के नाम चार अलग-अलग बूथ नंबर (116, 124, 125, 126) में पाए गए – Example: Gurkirat Singh Dang

यह रिपोर्ट Special Summary Revision – 04 April 2024 पर आधारित थी|

Aditya Shrivastava कौन है?

EC की जांच में सामने आया कि:

  • Karnataka की लिस्ट में एक ही नाम ‘Aditya Shrivastava’ मौजूद है।
  • लखनऊ और महाराष्ट्र में उस नाम या EPIC नंबर से कोई एंट्री नहीं मिली।

Election Commission ने कहा कि कुछ समय पहले Duplicate Records हटाए गए थे, इसलिए संभावना है कि राहुल गांधी जिन नामों की बात कर रहे हैं, वो पुराने है

क्या Rahul Gandhi के आरोप पूरी तरह गलत हैं?

EC ने कहा:

“Transparency बनाए रखने के लिए हम सभी डेटा और वोटर लिस्ट सार्वजनिक डोमेन में रख रहे हैं।”

साथ ही, आयोग ने यह भी कहा कि अगर किसी के पास सटीक जानकारी है, तो वे उसे वोटर पोर्टल पर क्रॉस वेरिफाई कर सकते हैं|

Expert Opinion: राजनीति या सच्चाई?

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि:

  • Rahul Gandhi का यह मुद्दा लोकतंत्र की रक्षा के लिए है या राजनीतिक एजेंडा, यह चुनाव के नज़दीक आने पर और स्पष्ट होगा
  • Election Commission की पारदर्शिता और पोर्टल का उपयोग करके किसी भी मतदाता को सर्च करना आसान है|

राहुल गांधी का जवाब क्या था EC के क्लैरिफिकेशन पर?

अब तक राहुल गांधी या कांग्रेस पार्टी ने EC के जवाब पर कोई नया बयान नहीं दिया है। लेकिन उन्होंने अपनी रिपोर्ट और वोटर डुप्लिकेशन के डेटा को “सच्चाई का आइना” बताया है|

निष्कर्ष: क्या वाकई Votechori हुआ?

  • Rahul Gandhi ने मुद्दा उठाया, जिससे बहस शुरू हुई।
  • EC ने फैक्ट्स और आंकड़ों के साथ सफाई दी।
  • पोर्टल पर “No Result Found” ने राहुल गांधी की बातों पर सवाल खड़े कर दिए|

Final Thought:

लोकतंत्र में सवाल उठाना जरूरी है, लेकिन जवाब सुनना और समझना भी उतना ही ज़रूरी। Voter List की पारदर्शिता को चुनौती देने से पहले, जनता को खुद भी इन तथ्यों को वेरिफाई करना चाहिए|

Disclaimer:

इस लेख में दी गई सभी जानकारी विभिन्न समाचार स्रोतों, सोशल मीडिया अपडेट्स और संबंधित रिपोर्ट्स पर आधारित है। Newstaazahai.com किसी भी आंकड़े या जानकारी की पुष्टि नहीं करता है। पाठकों से अनुरोध है कि किसी भी निर्णय से पहले संबंधित आधिकारिक स्रोतों की पुष्टि अवश्य करें। इस कंटेंट का उद्देश्य केवल सामान्य जानकारी प्रदान करना है|

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